दिन 14
मुर्गे की बाँग
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और पतरस ने फिर इन्कार किया। और तुरन्त मुर्गे ने बाँग दी। (यूहन्ना 18:27)
जब भी तुम सन्देह करते हो, मुर्गा बाँग देता है;
जब भी तुम क्रोधित होते हो, मुर्गा बाँग देता है;
बुराइयों का हिसाब रखो; मुर्गा बाँग देता है;
घमण्ड करो; मुर्गा बाँग देता है;
झगड़ा, मुर्गा बाँग देता है;
कड़वाहट, मुर्गा बाँग देता है;
ईर्ष्या, मुर्गा बाँग देता है;
प्रकोप, मुर्गा बाँग देता है;
भय; मुर्गा बाँग देता है;
चिंता, मुर्गा बाँग देता है;
वासना; मुर्गा बाँग देता है;
अभिमान; मुर्गा बाँग देता है;
अक्षमा, मुर्गा बाँग देता है;
जब भी तुम पाप करते हो, मुर्गा बाँग देता है;
तुम्हारा यह वर्तमान इन्कार कि यह सत्य है… और मुर्गा बाँग दे रहा है।
तुम्हारी पसन्द और भावनाएँ Yahweh से ऊँचे स्वर में बोलती हैं। तुम्हारी प्रमुख मानसिकता कहानी बता देती है। यह कहती है कि तुम वास्तव में विश्वास नहीं करते कि उसके पुत्र ने तुम्हारे लिए क्या किया, कम-से-कम इसकी सम्पूर्णता में तो नहीं। तुम यह स्वीकार कर सकते हो कि वह तुम्हारा उद्धारकर्ता है, कि उसने अनन्तकाल में अपने पिता के साथ तुम्हारे लिए स्थायी रूप से एक स्थान सुरक्षित कर लिया है। परन्तु, यह कि वह यहाँ पृथ्वी पर तुम्हारे जीवन पर शासक है, और यह कि उसने तुम्हें पाप का विरोध करने की सामर्थ्य दी है, इसे तुमने वास्तव में नहीं समझा है।
बल्कि, तुम्हारा जीवन यह गवाही देता है कि तुम विश्वास करते हो कि उसकी इच्छा से बाहर समृद्ध होने का कोई मार्ग है? आह, इसे स्वीकार करना सरल नहीं है, परन्तु इस जीवन में उसके शासन के अधीन होना उतना ही आवश्यक है जितना आनेवाले जीवन में।
Yahshua को ऊँचा उठाया गया है और स्वर्ग तथा पृथ्वी की सब वस्तुओं पर शासक बनाया गया है (फिलिप्पियों 2:9-11)। वह सामर्थ्य के दाहिने हाथ बैठा है (मत्ती 26:64), Yahweh के महिमा के सिंहासन पर (इब्रानियों 8:1; 12:2), और उसे स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार दिया गया है (मत्ती 28:18), जो निःसंदेह, उसने तुम्हें सौंप दिया (लूका 10:19)।
ध्यान दो कि यह कहता है, “स्वर्ग में और पृथ्वी पर भी।” यहाँ पृथ्वी पर धार्मिकता से जीने की सामर्थ्य तुम्हारी विरासत है। तुम्हें वही सामर्थ्य दी गई है जिसका उपयोग पिता ने अपने पुत्र को मृतकों में से जिलाने के लिए किया (इफिसियों 1:19)।
जब तुम उस शुद्ध जीवन से कम किसी भी वस्तु में जीते हो जो उसने तुम्हें विरासत के रूप में दिया है, तो तुम पुत्र का इन्कार करते हो। हाँ, पतरस के समान, तुम्हारा इन्कार उस जीवन में प्रकट होता है जो तुम जीते हो और उन निर्णयों में जो तुम लेते हो। और तुम्हारा जीवन उन सबसे बोल रहा है जो देख रहे हैं। क्या तुम “यीशु” का प्रचार कर रहे हो जबकि मुर्गे तुम्हारे चारों ओर बाँग दे रहे हैं?
हे प्रिय, जितनी दूर पूर्व पश्चिम से है; उतनी ही दूर तुम्हारे अपराध हटाए गए हैं। (भजन संहिता 103:12) क्षमा के विषय में कमाने के लिए कुछ भी नहीं है, परन्तु इसके लिए अपनी कृतज्ञता के विषय में सीखने के लिए बहुत कुछ है। तुम इसके कारण कैसे जीते हो? यह उपहार ग्रहण करो; उसका पुनरुत्थान तुम्हारा पुनरुत्थान है (कुलुस्सियों 3:1)। और यदि ऐसा है, तो उस नई सृष्टि के समान जियो जो तुम हो (2 कुरिन्थियों 5:17)!
मुर्गे ने बाँग दी जब पतरस ने Yahshua का तीन बार इन्कार किया (यूहन्ना 18:15-27)। बाद में, Yahshua ने मुर्गे को शान्त किया, पतरस से भी तीन बार पूछकर, “क्या तू मुझसे प्रेम रखता है?” “हाँ, स्वामी, तू सब कुछ जानता है; तू जानता है कि मैं तुझसे प्रेम रखता हूँ,” पतरस ने हर बार यह पुष्टि की (यूहन्ना 21:15-17)।
Yahshua पहले से ही सब कुछ जानता है; परन्तु तुम उसके लिए अपने प्रेम को इस प्रकार दिखा सकते हो कि तुम उसे अपने बाँग देनेवाले मुर्गों को मार डालने दो। और उनके मरने के बाद, फिर कभी उस सामर्थ्य का उपयोग जो तुम में है उन “गन्दे” पक्षियों को फिर से जिलाने के लिए मत करो।
© Suffer Well भक्ति श्रृंखला